South Asia's Youth at Risk -- Hindi

भर्ती की घोषणाः ‘‘दक्षिण एशिया के युवा जोखिम में – युवा पत्रकारों द्वारा मल्टीमीडिया की मदद से रिपोर्टिंग’’

अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और मालदीव के युवा पत्रकारों से एक कार्यक्रम के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए जाते हैं। इस कार्यक्रम का मकसद है दक्षिण एशिया के 21-30 वर्ष आयुवर्ग के पत्रकारों को संयुक्त रूप से रिपोर्टिंग के प्रोजेक्ट में भागीदारी के लिए आपस में जोड़ना, जिससे युवाओं और इस क्षेत्र में उनके द्वारा उठाए जा रहे जोखिमों से जुड़े मुद्दों का अन्वेषण होगा। इसी दौरान इन युवाओं को आज के डिजिटल युग में जिम्मेदारी भरी रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

इंटरनेशनल सेंटर फॉर जर्नलिस्ट (आईसीएफजे) की ओर से संचालित इस कार्यक्रम का प्रायोजक अमेरिकी विदेश विभाग है। इस कार्यक्रम के दो भाग हैं।

आईसीएफजे डिजिटल अभिव्यक्ति पर 80 पत्रकारों के लिए छह सप्ताह का पाठ्यक्रम संचालित करेगा। इस संवादमूलक पाठ्यक्रम (इंटरएक्टिव कोर्स) के तहत प्रतिभागियों को गहराई के साथ रिपोर्टिंग का परिचय, अपनी रिपोर्ट की प्रगति पर प्रशिक्षकों के साथ साप्ताहिक व्यक्तिगत संवाद और इंटरनेट और दस्तावेजों के अनुसंधान पर विशेष पाठ पढ़ाए जाएंगे।

साथ ही उन्हें साक्षात्कार की तकनीक की बारीकियां, न्यूजरूम में अपनी बेहद जटिल रिपोर्ट के लिए भी सहयोग का माहौल तैयार करना और रिपोर्टिंग के लिए सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल जैसी बातों के अलावा स्टोरी की प्लानिंग, उसे साकार करने और मल्टीमीडिया पैकेज के बारे में जानकारी दी जाएगी।

प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम शुरू होने से पहले ही अपने देश के युवाओं से संबंधित खबरों के लिए स्टोरी आइडिया देने होंगे। ताकि वे ऑनलाइन प्रशिक्षण पर भरोसा कर सकें, जिससे उन्हें अपनी खबरों के लिए ज्यादा गहराई के साथ रिपोर्टिंग में मदद मिलेगी। यह पाठ्यक्रम चार भाषाओं- अंग्रेजी, हिंदी, पश्तो और ऊर्दू में संचालित किया जाएगा। दैनिक अनुवाद सभी भाषाओं के समूहों के साथ अपने विचारों को साझा करने में मददगार रहेगा।

आईसीएफजे द्वारा ऑनलाइन पाठ्यक्रम के बाद कोलंबो, श्रीलंका में पांच दिन के सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जो कि सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट का सुझाव देने वाले ऑनलाइन पाठ्यक्रम के 30 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को एक जगह लाएगा।

प्रोजेक्ट्स को क्षेत्रीय सहयोग के लिए समूहों में रखा जाएगा। समूह बनाने के कारण हर एक युवा पत्रकार को अपनी स्टोरीज को ज्यादा जिम्मेदारी और बेहतर जानकारी के साथ पेश करने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे उन्हें एक दूसरे की संस्कृति के बारे में ठोस और स्थायी जानकारी भी मिल सकेगी।

इन संयुक्त रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट्स के जरिये पूरे क्षेत्र के श्रोताओं, दर्शकों और पाठको को महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक मसलों पर ज्यादा गहरी और जिम्मेदारी भरी पत्रकारिता का फायदा मिलेगा। प्रोजेक्ट का चयन कोलंबो सम्मेलन से पहले किया जाएगा। इससे पत्रकारों को सामूहिक तौर पर अपनी रिपोर्टिंग की योजना बनाने में मदद मिलेगी।

वे ज्यादा बड़े सम्मेलन समूह को भी अपने प्रोजेक्ट्स से रूबरू करा सकेंगे। कोलंबो के सम्मेलन में पैनल की चर्चा, साइट्स का दौरा और छोटे समूहों के बीच समय-समय पर मीटिंग होंगी।

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